हिन्दू दत्तक एवं पालन-पोषण अधिनियम, 1956 (Hindu Adoption & Maintanance Act)
दत्तक (Adoption)
हिन्दू धर्म में पितृ ऋण से मुक्ति और वंश को कायम रखने के लिए पुत्र को बहुत महत्व दिया गया है। पुत्र के इसी धार्मिक एवं लौकिक महत्व के कारण प्राचीन हिन्दू विधि में पुत्रहीन व्यक्ति को पुत्र गोद लेने (दत्तक ग्रहण) का अधिकार दिया गया था। हिन्दू विधि शास्त्रियों ने दत्तक के संबंध में विस्तृत प्रावधान किया था।
हिन्दू दत्तक एवं पालन-पोषण अधिनियम, 1956 द्वारा हिन्दू व्यक्ति को गोद लेने का अधिकार बनाए रखा गया है पर वर्तमान समय की आवश्यकता के अनुसार इसमें कुछ परिवर्तन भी लाया गया है।
गोद लेना या दत्तक ग्रहण करना एक ऐसी विधिमान्य प्रक्रिया है जिसमें एक व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति की संतान को एक निश्चित प्रक्रिया द्वारा अपना संतान बना लेता है। हिन्दू विधि में यह एक धार्मिक प्रक्रिया भी था और इसके लिए एक निश्चित धार्मिक अनुष्ठान करना होता था। अर्थात् प्राचीन काल में गोद लेने के लिए दो आवश्यक तत्व थे-
- दत्तक ग्रहण के विशेष होम का अनुष्ठान पूर्ण किया जाना; और
- दत्तक लिया जाने वाले बच्चे को एक परिवार से दूसरे परिवार में हमेशा के लिए हस्तारण के आशय से वास्तव में देना और लेना।
लेकिन हिन्दू दत्तक एवं पालन-पोषण अधिनियम, 1956 के अनुसार अब दत्तक होम का किया जाना दत्तक ग्रहण के लिए आवश्यक प्रक्रिया नहीं हैं लेकिन दूसरे तत्व का पूरा होना अभी भी अनिवार्य है। [धारा 11 (4)]
हिन्दू दत्तक एवं पालन-पोषण अधिनियम, 1956 की धारा 6 में वैध दत्तक ग्रहण के लिए निम्नलिखित शर्तों का पूरा होना अनिवार्य हैं-
- दत्तक ग्रहण करने वाले व्यक्ति में गोद लेने की क्षमता और अधिकार का होना;
- दत्तक देने वाले व्यक्ति में गोद देने की क्षमता और अधिकार का होना;
- दत्तक लिया जाने वाला बच्चा गोद लिया जाने के योग्य हो;
- हिन्दू दत्तक एवं पालन-पोषण अधिनियम, 1956 की धारा 11 में निर्धारित शर्तों को पूरा किया जाना।
गोद लेने की क्षमता (कौन गोद ले सकता है) [धारा 11]
कोई हिन्दू पुरूष यदि वह:
- स्वस्थ चित्त हो;
- वयस्क हो;
- गोद लेने के लिए उसकी पत्नी की सहमति हो, अगर पत्नी जीवित हो, (अगर एक से अधिक वयस्क पत्नी है तो सभी पत्नियों की सहमति होना आवश्यक है), लेकिन निम्नलिखित स्थिति में पत्नी की सहमति आवश्यक नहीं है-
(क) अगर पत्नी ने पूर्ण एवं अंतिम रूप से संसार त्याग दिया हो;
(ख) अगर पत्नी हिन्दू नहीं रह गई हो; अथवा
(ग) किसी सक्षम अधिकारिता वाले न्यायालय ने उसे विकृतचित्त घोषित कर दिया हो।
गोद देने की क्षमता (कौन गोद दे सकता है) [धारा 9]
1. यदि बच्चे का पिता जीवित है तो दत्तक देने का अधिकार पिता को होगा लेकिन इसका प्रयोग वह बच्चे की माता की सहमति से ही करेगा; अपवाद- बच्चे की माता अगर धर्मांन्तरण कर चुकी हो, संसार का परित्याग कर संन्यास ग्रहण कर चुकी हो या किसी सक्षम न्यायालय ने उसे विकृतचित्त घोषित कर दिया हो तब उसकी सहमति लेना पिता के लिए आवश्यक नहीं होगा।
2. पिता अगर (1) संसार त्याग कर संन्यास ग्रहण कर चुका हो, (2) धर्मांन्तरण के कारण हिन्दू नहीं रह गया हो, अथवा (3) किसी सक्षम न्यायालय ने उसे विकृतचित्त घोषित कर दिया हो, तो इन स्थितियों में पिता के जीवित रहने पर भी माता को अधिकार होगा कि वह अपने बच्चे को गोद दे सके।
3. बच्चे का संरक्षक (चाहे वह इच्छा पत्र द्वारा संरक्षक नियुक्त हुआ हो या न्यायालय ने उसे संरक्षक नियुक्त या घोषित किया हो) संरक्षक द्वारा गोद देने के लिए दो शर्त है-
(i) संरक्षक न्यायालय से पूर्व अनुज्ञा लेकर ही गोद दे सकता है। न्यायालय बच्चे की इच्छा और समझदारी पर विचार कर और बच्चे के हित का ध्यान रख कर ही यह अनुज्ञा देगा। न्यायालय यह भी देखेगा कि पुत्र को गोद देने के एवज में न्यायालय द्वारा मंजूर देनगी या पेशगी के अलावा कोई अन्य लाभ लेने के लिए अनुज्ञा के लिए आवेदन देने वाले ने न तो गोद लेने वाले से और न ही किसी अन्य व्यक्ति से कुछ प्राप्त किया है और न ही प्राप्त करने का समझौता किया है।
(ii) संरक्षक तभी गोद दे सकता है जबकि:
(क) बच्चे के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हो;
(ख) बच्चे के माता-पिता ने अंतिम रूप से संसार का परित्याग कर संन्यास ले लिया हो;
(ग) बच्चे के माता-पिता को सक्षम अधिकारिता वाले न्यायालय ने विकृतचित्त घोषित कर दिया हो;
(घ) बच्चे के माता-पिता का पता न हो।
इस धारा का स्पष्टीकरण बताता है कि माता और पिता शब्द में गोद लेने वाले माता या पिता शामिल नहीं हैं। अर्थात् गोद देने का अधिकार केवल प्राकृतिक माता और पिता को है।
संरक्षक शब्द में वह व्यक्ति शामिल है जिसकी देखरेख में किसी अवयस्क बच्चे का केवल शरीर या शरीर या संपत्ति दोनों हो।
न्यायालय का तात्पर्य उस जिला न्यायालय से है जिसके क्षेत्राधिकार की स्थानीय सीमाओं के अन्तर्गत दत्तक ग्रहण में लिया जाने वाला व्यक्ति साधारणत: निवास करता है।
इस धारा में सौतेले पिता या माता को भी अधिकार नहीं दिया गया है कि वे बच्चे को गोद दे सके। इसलिए न्यायालय का मत भी इसी के समर्थन में रहा है कि सौतेले माता या पिता को गोद देने का अधिकार नहीं है।
गोद लिए जाने की योग्यता (गोद किसे लिया जा सकता है) [धारा 10]
- वह हिन्दू हो;
- वह पहले गोद नहीं लिया जा चुका या चुकी हो अर्थात् एक ही बच्चे को एक से अधिक बार गोद नहीं लिया जा सकता है।
- उसका विवाह नहीं हुआ हो, लेकिन पक्षकारों में लागू होने वाली कोई रूढ़ि या प्रथा अगर विवाहित व्यक्ति को गोद लिए जाने को मान्यता देती होए तो यहा मान्य होगा;
- उसने 15 वर्ष की आयु पूरी नहीं की हो, लेकिन पक्षकारों में लागू होने वाली कोई रूढ़ि या प्रथा अगर 15 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति को गोद लिए जाने को मान्यता देती हो, तो यहा मान्य होगा।
गोद लेने वाले, गोद देने वाले और गोद लिए जाने वाले व्यक्ति में इसके लिए विहित विधिक क्षमता के साथ ही एक वैध दत्तक ग्रहण के लिए धारा 11 में उपबंधित शर्तों का पूरा होना भी अनिवार्य है। ये शर्तें हैं-
1. अगर पुत्र को गोद लिया जा रहा हो, तो गोद लेते समय, गोद लेने वाले पिता या माता का कोई हिन्दू पुत्र, पौत्र या प्रपौत्र जीवित न हो; [इसमें दत्तक पुत्र भी शामिल है पर अधर्मज पुत्र शामिल नहीं है।]
2. अगर पुत्री को गोद लिया जा रहा हो, तो गोद लेते समय, गोद लेने वाले पिता या माता की कोई हिन्दू पुत्री या पुत्र की पुत्री जीवित नहीं होनी चाहिए; [इसमें दत्तक पुत्री भी शामिल है पर अधर्मज पुत्री शामिल नहीं है।]
3. अगर कोई पुरूष (पिता) पुत्री को गोद ले रहा हो, तो उसकी उम्र पुत्री से कम-से-कम 21 वर्ष अधिक होनी चाहिए;
4. अगर कोई स्त्री (माता) पुत्र को गोद ले रही हो, तो उसकी उम्र पुत्र की उम्र से कम-से-कम 21 वर्ष अधिक होनी चाहिए;
5. एक ही बच्चा एक साथ दो या अधिक व्यक्तियों द्वारा गोद नहीं लिया जा सकता है;
6. वैध गोद के लिए यह अनिवार्य है कि गोद देने वाला उसे हमेशा के लिए गोद देने वाले के परिवार में हस्तांतरित करने के आशय से वास्तव में दे। अर्थात् देने का आशय और वास्तव हस्तांतरण दोनों आवश्यक है।
| प्राचीन हिन्दू विधि के अन्तर्गत दत्तक | हिन्दू दत्तक एवं भरण–पोषण अधिनियम,1956 के अनुसार दत्तक | |
| 1 | कोई हिन्दू पुरूष जो स्वस्थचित्त हो और विवेक की आयु प्राप्त कर चुका हो गोद ले सकता था उसपर कोई विधिक नियंत्रण नहीं था बशर्ते उसका कोई वैध जीवित पुत्र न हो। पुत्र का संन्यास ले लेना, धर्मांन्तरण कर लेना, अधर्मज पुत्र को होना आदि गोद लेने में बाधक नहीं था। | हिन्दू पुरूष द्वारा गोद लेने पर कुछ अन्य प्रतिबंध लगाए गए हैं; जैसे उम्र, पत्नी की सहमति आदि । |
| 2 | हिन्दू स्त्री को गोद लेने का अधिकार नहीं था। विधवा होने पर वह पति की तरफ से गोद ले सकती थी। | स्त्री को भी गोद लेने का अधिकार मिला है। |
| 3 | पुत्री को गोद नहीं लिया जा सकता था। केरल की मातृसत्ता वाली जातियों में और देवदासियों के बीच पुत्री का गोद रूढ़ि के अन्तर्गत मान्य था। | ऐसा कोई प्रतिबंध अब नहीं है और पुत्री को भी गोद लिया जा सकता है। पुत्री का गोद 1956 के बाद मान्य हुआ लेकिन इससे पहले लिया गया गोद मान्य नहीं होगा। |
| 4 | यदि किसी व्यक्ति को एक ही पुत्र होता था तो वह गोद नहीं दे सकता था। | ऐसी कोई प्रतिबंध इस अधिनियम में नहीं है। |
| 5 | एक ही बच्चे को दो बार गोद नहीं लिया जा सकता था। | अधिनियम में भी एक बार गोद लिए जा बच्चे को दुबारा गोद लिए जाने पर रोक लगाया है। |
| 6 | अधिनियम में भी एक बार गोद लिए जा बच्चे को दुबारा गोद लिए जाने पर रोक लगाया है। | अधिनियम में इस तरह के प्रतिबंधों को स्थान नहीं दिया गया है। |
| 7 | प्राचीन विधिशास्त्रियों में गोद लिए जाने वाले बच्चे की उम्र के विषय में मतभेद था। उम्र को उपनयन संस्कार से पहले और बाद में बाँटा जाता था। | अधिनियम में इस तरह के मतभेदों को समाप्त कर उम्र निश्चित कर दिया गया है। अब 15 वर्ष से कम उम्र के अविवाहित व्यक्तियों को ही गोद लिया जा सकता है। पर अपवादस्वरूप 15 वर्ष से अधिक उम्र के या विवाहित व्यक्ति के गोद को भी विधिक मान्यता मिल सकती है अगर उस विशेष समुदाय में किसी मान्य रूढ़ि या प्रथा के अनुसार ऐसे गोद को सामान्यत: मान्यता मिला हो। |
| 8 | हिन्दू विधि की बम्बई शाखा और जैनियों को छोड़कर सामान्यतरू विवाहित व्यक्ति को गोद नहीं लिया जा सकता था। | अब भी विवाहित व्यक्ति को गोद नहीं लिय जा सकता है बशर्ते किसी मान्य रूढ़ि या प्रथा द्वारा विवाहित व्यक्तियों को गोद लेना प्रचलित हो। |
| 9 | उस अपत्य का दत्तक जिसकी माता के साथ उसके अविवाहित होने पर दत्तक लेने वाला व्यक्ति विवाह नहीं कर सकता था, प्रचीन हिन्दू विधि के अन्तर्गत अमान्य और शून्य था। इस तरह पुत्री का पुत्र, बहन का पुत्र गोद नहीं लिया जा सकता था। यद्यपि ऐसे दत्तक कुछ जातियों में रूढ़िगत मान्य और वैध थे। | अधिनियम में ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है यदि रूढ़ि मान्यता देता हो तो ऐसा गोद अब भी मान्य होगा। |
| 10 | गोद लेने के लिए दत्तक होम का अनुष्ठान अनिवार्य था। लेकिन अगर दोनों पक्ष एक ही गोत्र के हो तो ऐसा अनुष्ठान आवश्यक नहीं था। | अब यह आवश्यक नहीं है। |
| 11 | प्राचीन हिन्दू विधि में अधर्मज पुत्र का गोद अवैध था क्योंकि वह गोद लेने वाले पिता को आध्यात्मिक लाभ नहीं प्राप्त करा सकता था। | अधिनियम के अन्तर्गत ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। |
| 12 | अनाथ, अपविद्ध शिशु (Founding) और त्याज्य अपत्य (Abandomed child) का दत्तक नहीं लिया जा सकता था क्योंकि गोद देने का अधिकार केवल माता-पिता को था। | माता-पिता के साथ संरक्षक को गोद देने का अधिकार दिया गया है। |
एक से अधिक पुत्र या पुत्री को गोद नहीं लिया जा सकता है लेकिन एक पुत्र और एक पुत्री को गोद लिया जा सकता है।
विकृतचित्त बच्चे को भी गोद लिया जा सकता है।
एक ही बच्चे को दो बार या दो लोगों द्वारा गोद नहीं लिया जा सकता है। पति और पत्नी दो लोग नहीं माने जाएगे।
दत्तक लेने के लिए प्राचीन काल में एक विशेष अनुष्ठान और दत्तक होम का किया जाना आवश्यक था। दत्तक मीमांसा के अनुसार दत्तक की नातेदारी दत्तक के उपर्युक्त अनुष्ठानों द्वारा स्थापित होती है, जिसके अन्तर्गत आते हैं, दान, स्वीकृति, दत्तक होम इत्यादि। पर अब दत्तक होम अनिवार्य संस्कार नहीं रहा है। रूढ़िगत अनुष्ठान का किया जाना आवश्यक नहीं है। लेकिन दत्तक लेने और देने का अनुष्ठान अनिवार्य है जिसमें दत्तक देने वाले द्वारा स्पष्ट रूप से गोद देना और लेने वाले द्वारा इसे स्पष्ट रूप से स्वीकार करना और दत्तक लिए जाने वाले बच्चे का देने वाले के परिवार से गोद लेने वाले के परिवार में वास्तविक हस्तांतरण हो। यदि गोद देने वाला या लेने वाला यदि किसी रोग, अपंगता, उम्रजनित दुर्बलता इत्यादि किसी कारण से गोद लेने या देने का अनुष्ठान करने के लिए सक्षम नहीं हो तो वह अनुष्ठान करने की शक्ति प्रत्यायोजित कर सकता है। पर यह प्रत्योजन केवल गोद के अनुष्ठान के लिए हो सकता है, गोद लेने या देने के लिए नहीं हो सकता है। गोद देने की इच्छा किसी भी भाँति व्यक्त किया जा सकता है इसके लिए कोई निर्धारित प्रारूप नहीं है।
दत्तक की रजिस्ट्री अनिवार्य नहीं है, यद्यपि पक्षकार चाहें तो दत्तक का रजिस्ट्री करा सकते हैं। 1956 से पहले रजिस्ट्री दत्तक की संपोषक साक्ष्य (Corroborative Evidence) मानी जाती थी। हिन्दू दत्तक तथा भरण.पोषण के अन्तर्गत रजिस्ट्री दत्तक के पक्ष में उपधारणा स्थापित करती है। रजिस्ट्री के दस्तावेज पर दत्तक देने और लेने वाले के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं। रजिस्ट्री होने पर धारा 16 के तहत न्यायालय यह मान कर चलता है कि दत्तक वैध है, जब तक कि अन्यथा सिद्ध न हो जाये।
महत्वपूर्ण मुकदमें (Case Laws)
ब्रिजेद्र वर्सेस मध्य प्रदेश राज्य (AIR 2008 SC 1058)
एक विवाहित विकलांग महिला को उसके पति ने विवाह के कुछ ही दिनों बाद छोड़ दिया। तत्पश्चात् वह अपने माता-पिता के साथ रहने लगी। माता-पिता ने उसके भरण-पोषण के लिए 32 एकड़ कृषि जमीन उसके नाम कर दिया। वर्ष 1970 में उस महिला ने एक पुत्र (ब्रजेन्द्र सिंह) को गोद लेने की बात कही। वर्ष 1974 में उसके पति की मृत्यु हो गई।
उसके पास जो 32 एकड़ जमीन थी उसे निर्धारित सीमा से अधिक मानते हुए एस डी ओ ने उसे नोटिस भेजा। महिला का तर्क था कि वह और उसका दत्तक पु़त्र मिलकर संयुक्त हिन्दू परिवार बनाते है जिन्हें कि 54 एकड़ तक जमीन रखने की अनुमति है। इसलिए उसकी जमीन निर्धारित सीमा से अधिक नहीं है। वर्ष 1982 में उसने अपने दत्तक पुत्र ब्रजेन्द्र सिंह को अपना पुत्र घोषित करने के लिए न्यायालय में एक सिविल केस दायर किया। वर्ष 1989 में उसने अपने दत्तक पुत्र के पक्ष में एक रजिस्टर्ड वसीयत बनाया। इसके कुछ ही दिनों बाद उसकी मृत्यु हो गई।
विचारण न्यायालय और प्रथम अपीलीय न्यायालय ने ब्रजेन्द्र सिंह को उसका दत्तक पुत्र माना। न्यायालय का तर्क था कि महिला तलाकशुदा की तरह ही थी। पुत्र के पक्ष में वसीयत उसके द्वारा गोद लिए जाने के तथ्य का समर्थन करता है। लेकिन उच्च न्यायालय ने इस निर्णय के विपरीत मत दिया। उच्च न्यायालय के अनुसार हिन्दू दत्तक एवं भरण-पोषण अधिनियम की धारा 8 (c) के अनुसार हिन्दू महिलाओं के कुछ विशेष वर्ग को ही दत्तक लेने का अधिकार है। “तलाकशुदा” और “तलाकशुदा की तरह” होने में अंतर है। “तलाकशुदा की तरह” रहने वाली महिलाओं को उस वर्ग में शामिल नहीं किया गया है जो गोद लेने के लिए इस धारा के अनुसार सक्षम है। अत: यह गोद वैध नहीं है।
उच्चतम न्यायालय के समक्ष निर्णय के लिए दो मुख्य प्रश्न थे-
(1) हिन्दू विवाहित महिला द्वारा गोद लेने की विधिक सार्मथ्य क्या है यदि उसका विवाह अस्तित्व में हो? और
(2) क्या एक हिन्दू विवाहित महिला पति की सहमति से अपने नाम से गोद ले सकती है?
उच्चतम न्यायालय के अनुसार हिन्दू दत्तक एवं भरण-पोषण अधिनियम की धारा 6 (1) उपबंध करता है कि गोद लेने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति में गोद लेने के लिए विधिक सामर्थ्य हो। इसकी धारा 8 “सामर्थ्य” शब्द की व्याख्या करता है। यह धारा प्रचीन हिन्दू दत्तक विधि में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन लाते हुए हिन्दू महिला को भी दत्तक लेने का अधिकार देता है बशर्ते उसने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली हो और मानसिक रूप से स्वस्थ हो। लेकिन यह धारा कुछ शर्त भी लगाता है-
(a) वह महिला विवाहित नहीं हो;
(b) वह विधवा हो;
(c) वह तलाकशुदा हो; अथवा
(d) विवाह के बाद उसका पति संसार त्याग कर संन्यास ले चुका हो; अथवा
(e) उसका पति अब हिन्दू नहीं रहा हो; अथवा
(f) उसका पति किसी सक्षम न्यायालय द्वारा पागल घोषित किया जा चुका हो।
धारा 8 के तहत गोद लेने का सामर्थ्य होने पर लिया गया गोद ही मान्य होगा अन्यथा वह विधिक दृष्टि से शून्य होगा। धारा 8 (c) में उल्लिखित परिस्थितियों को छोड़ कर पत्नी पति की सहमति से भी अपने नाम से गोद नहीं ले सकती है। धारा 7 के अनुसार हिन्दू विवाहित पुरूष पत्नी की सहमति से ही गोद ले सकता है बशर्ते पत्नी संन्यास ग्रहण, धर्मान्तरण या पागल घोषित होने के आधार पर सहमति देने के लिए विधिक रूप से असमर्थ नहीं हो गई हो। लेकिन धारा 8 के अनुसार पत्नी द्वारा गोद लेने के लिए पति की सहमति आवश्यक नहीं है बशर्ते पत्नी निर्धारित वर्ग में आती हो।
प्रस्तुत मामले में पत्नी ने अपने को अविवाहित या तलाकशुदा घोषित करवाने या अपने विवाह को शून्य घोषित करवाने के लिए कोई पहल नहीं किया था। अत: वह धारा 8 में वर्णित किसी वर्ग में नहीं आती है जिन्हे कि पति की सहमति के बिना गोद लेने का अधिकार है। तलाकशुदा होने और तलाकशुदा की तरह होने में अंतर है। इसलिए लिया गया गोद विधिक दृष्टि से मान्य नहीं है। उपर्युक्त आधार पर उच्चतम न्यायालय ने अपील खारिज कर दिया।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न- हिन्दू विवाह अधिनियम के अन्तर्गत विवाहित एवं अविवाहित व्यक्यिों द्वारा बच्चे को गोद लेने के लिए आवश्यक शर्तों को बताइए। (LLB- 2008)
प्रश्न- हिन्दू एडॉन्शन एण्ड मेंटेनेंस एक्ट 1956 और जूवेनाइल जस्टिस (प्रोटेक्शन एण्ड केयर ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट, 2000 (2006 में संशोधित) के अन्तर्गत दत्तक ग्रहण संबंधी प्रावधानों में मुख्य अंतरों की पहचान कीजिए। (LLB- 2009, 2012)
प्रश्न- किसी व्यक्ति द्वारा दत्तक लेने के अधिकार के संबंध में हिन्दू एडॉन्शन एण्ड मेनटनेंस एक्ट, 1956 और जूवेनाइल जस्टिस प्रोटेक्शन एण्ड केयर ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट, 2000 (2006 में संशोधित), इन दोनों अधिनियमों में क्या प्रावधान हैं? (LLB- 2013)
प्रश्न- हिन्दू एडॉन्शन एण्ड मेनटनेंस एक्ट, 1956 और जूवेनाइल जस्टिस प्रोटेक्शन एण्ड केयर ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट, 2000 (2006 में संशोधित) में किसी महिला द्वारा बच्चे को गोद लेने के संबंध में क्या प्रावधान है? (LLB- 2011)
प्रश्न- संक्षिप्त टिप्पणी: हिन्दू एडॉन्शन एण्ड मेनटनेंस एक्ट, 1956 के अन्तर्गत पिता की उपस्थिति में बच्चे की अभिभावक (gurdian) के रूप में माता। (LLB- 2009, 2010, 2012)
प्रश्न- हिन्दू एडॉन्शन एण्ड मेनटनेंस एक्ट, 1956 के अन्तर्गत निम्नलिखित दत्तक ग्रहण की वैधता बताइए: (LLB- 2010)
(क) 26 वर्षीया विवाहिता हिन्दू स्त्री क, ने 5 वर्ष के लड़के को गोद लिया;
(ख) एक हिन्दू क ने 17 वर्षीय बच्चे को गोद लिया;
(ग) क, जो कि एक अधर्मज पुत्र ख की माता है, ने ख को अपने भाई को गोद दे दिया;
(घ) क, जो कि एक अविवाहित हिन्दू पुरूष है, ने एक लड़का गोद लिया। बाद में क ने विवाह किया और पत्नी के कहने पर उसने घ को वह लड़का गोद दे दिया।
प्रश्न- हिन्दू एडॉन्शन एण्ड मेनटनेंस एक्ट, 1956 के तहत निम्नलिखित का परीक्षण कीजिए- (LLB- 2009)
(क) क, जो कि 26 वर्षीया अविवाहित हिन्दू स्त्री है, ने 5 वर्षीय लड़के को गोद लिया;
(ख) एक हिन्दू पुरूष साधुराम ने अनाथालय से एक लड़के को तब गोद लिया जबकि उसके इकलौते पुत्र ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत एक मुस्लिम लड़की से विवाह कर लिया;
(ग) 28 वर्षीय मीना ने अपने पति अशोक की सहमति से अपने भाई के एक वर्षीय पुत्र साहिल को गोद लिया;
(घ) क, जो कि 20 वर्षीय हिन्दू विधवा है, ने अपने ससूर की सहमति से दो महिने के बेटे ख को गोद लिया।
प्रश्न- निम्नलिखित का परीक्षण हिन्दू एडॉन्शन एण्ड मेनटनेंस एक्ट, 1956 के तहत कीजिए- (LLB- 2008)
(क) एक्स, जो कि एक ईसाई है, हिन्दू अनाथालय से एक लडकी को गोद लेना चाहता है, हिन्दू एडॉन्शन एण्ड मेनटनेंस एक्ट, 1956 के तहत क्या वह ऐसा कर सकता है?
(ख) शंकर ने विजय नामक एक लड़के को गोद लिया। बाद में उसकी पत्नी ने एक पुत्र अजय को जन्म दिया। शंकर चाहता है कि वह विजय को उसके मित्र को गोद दे दे। क्या कानूनन वह ऐसा कर सकता है?
(ग) 35 वर्षीय अविवाहित भीष्म ने 14 वर्ष की लड़की वीरा को गोद लिया। बाद में उसने अंबिका से शादी की। हिन्दू एडॉन्शन एण्ड मेनटनेंस एक्ट, 1956 के अनुसार अंबिका और वीरा का संबंध बताइए।
(घ) 11 वर्षीया चाँद एक बाल विधवा है। 40 वर्षीय कालू उसे गोद लेना चाहता है। क्या यह दत्तक अनुमति योग्य है?
(ङ) एक तीन महिने की बच्ची रेलवे प्लेटफॉर्म पर लावारिश हालत में पड़ी मिली। उसे अनाथालय में लाया गया। विजय, जिसे एक पुत्र है लेकिन पुत्री नहीं है उसे गोद लेना चाहता है। विनय को सलाह दीजिए। क्या आपका उत्तर अलग होता अगर विनय को पुत्री होती?




90 thoughts on “हिन्दू दत्तक एवं पालन-पोषण अधिनियम, 1956 (Hindu Adoption & Maintanance Act)”
I am extremely impressed with your writing skills as smartly as with the layout on your weblog.
Is this a paid theme or did you customize it your self? Anyway keep
up the excellent quality writing, it’s rare to look a great weblog like this one these
days. Stan Store!
I’ve been absent for some time, but now I remember why I used to love this blog. Thank you, I’ll try and check back more frequently. How frequently you update your site?
I like this post, enjoyed this one thankyou for posting.
I got what you mean ,bookmarked, very nice web site.
Its fantastic as your other posts : D, thanks for putting up. “There’s no Walter Cronkite to give you the final word each evening.” by William Weld.
Khel92game kaafi acha hai! Gameplay smooth hai aur options bhi interesting hain. Thoda time pass karne ke liye mast hai. Give it a try! khel92game.
Yeah bookmaking this wasn’t a bad decision outstanding post! .
I have been surfing on-line more than three hours these days, yet I by no means discovered any fascinating article like yours. It is pretty worth sufficient for me. In my opinion, if all webmasters and bloggers made just right content material as you probably did, the internet might be much more useful than ever before.
So I’ve downloaded the king88app but haven’t dove in too deep. Looks pretty solid from what I can tell. Worth exploring if you’re hunting for a new app. king88app
Hey, you used to write excellent, but the last several posts have been kinda boring… I miss your tremendous writings. Past few posts are just a bit out of track! come on!
Gave j8888 a spin. Honestly, not bad! Standard selection of games, nothing too fancy, but the site worked well on my phone and that’s a big plus for me.
Hey, just wanted to drop a line about 622betapp. Gives it a shot, it’s got some pretty interesting bits. I think it’s solid. 622betapp
I’ve been playing with gd86win for a while now. Quick deposits and withdrawals are always a plus, plus pretty reliable. Check out gd86win. Nothing to lose, right?
Kubetvip8 é a melhor! Jogos incríveis, pagamentos em dia e um suporte que realmente te ajuda. Não troco por nada kubetvip8.
I just found the main page for JILI7 at jili7home. Has everything you need right from the source. Straight to the good stuff!
Wow, marvelous blog layout! How long have you been blogging for? you made blogging look easy. The overall look of your site is fantastic, as well as the content!
Some truly nice and useful info on this web site, too I believe the pattern has excellent features.
**mitolyn reviews**
Mitolyn is a carefully developed, plant-based formula created to help support metabolic efficiency and encourage healthy, lasting weight management.
nustar online https://www.etnustar-online.com
Your point of view caught my eye and was very interesting. Thanks. I have a question for you.
Thanks for sharing. I read many of your blog posts, cool, your blog is very good.
Fantastic goods from you, man. I’ve understand your
stuff previous to and you’re just too excellent. I actually
like what you have acquired here, really like what you are saying and the
way in which you say it. You make it entertaining and you still care for to keep it smart.
I cant wait to read much more from you. This is really a wonderful site.
Montenegro yacht rent Montenegro yacht rental
кіного стражи галактики
uakino club уа кіно
мастер машинки стиральной найти мастера стиральной машины
Interested in UFC? https://ufc-white-house.com unique mixed martial arts tournament will take place on June 14, 2026, in Washington, D.C., on the South Lawn of the White House. It will be the first professional sporting event in history to be held directly on the grounds of the U.S. presidential residence.
Экскурсовод организует частную поездку индивидуальные экскурсии из Зеленоградска Калининградской области с удобным маршрутом и профессиональным сопровождением.
наруто онлайн хорошее качество naruto-smotret.ru
семейная стоматология https://stomatologiya-batumi.ru
Последние обновления: https://spainslov.ru/site/word/word/%D0%A5%D0%90%D0%9C%D0%95%D0%9B%D0%95%D0%9E%D0%9D
Нужен финаносвый план? https://financedirector.by/investicionnyj-biznes-plan-struktura-i-primer-dlja-investorov/ подробное объяснение структуры документа, его роли в привлечении инвесторов, получении кредита и запуске бизнеса. Узнайте, какие разделы включает бизнес-план, какие расчеты нужны и как он помогает оценить прибыльность проекта.
hello!,I love your writing so much! share we be in contact more approximately your article on AOL? I require a specialist on this area to resolve my problem. May be that’s you! Looking forward to see you.
Быстрая профессиональная установка видеонаблюдения для квартир, домов, офисов и коммерческих объектов. Проектирование, монтаж и настройка систем безопасности, удалённый доступ, запись видео и контроль в реальном времени. Надёжные решения для защиты имущества и контроля территории.
Быстрая профессиональная установка камер видеонаблюдения для квартир, домов, офисов и коммерческих объектов. Проектирование, монтаж и настройка систем безопасности, удалённый доступ, запись видео и контроль в реальном времени. Надёжные решения для защиты имущества и контроля территории.
آمینو اپتیموم، یک منبع غنی و فشرده از آمینواسیدهای ضروری
و غیرضروری است که توسط برند معتبر اپتیموم تولید میشود.
فیتنس مکمل، منبع بهترین مکمل های اروجینال برای افرادی است که به سلامت و زیبای اندام خود، و کیفیت و اصالت مکمل ورزشی اهمیت میدهند.
وی سایتک، حاوی ۱۰۰ درصد پروتئین است که جذب سریعتری نسبت به وی های دیگر دارد.
وی ناترند، در واقع یک مکمل پروتئینی باکیفیت و حرفهای است که توسط شرکت معتبر اروپایی ناترند تولید میشود.
وی ایزوله ناترند، پروتئینی که ساختار بیولوژیکیاش کاملاً حفظ شده، چربی و قند آن تقریباً به صفر رسیده و از همه مهمتر، سرشار از فراکسیونهای پروتئینی فعال است.
کراتین ماسل اسپرت، یکی از محصولات برجسته و باکیفیت در دنیای مکملهای ورزشی است که توسط کمپانی معتبر آمریکاییماسل اسپرت عرضه میشود.
وی انیمال یونیورسال، ترکیب قدرتمندی از پروتئین وی ایزوله و کنسانتره فوقفیلتر شده است.
مکمل ای ای ای، الفبای حیات و پایه و اساس عملکرد بینقص سیستم عصبی و عضلانی هستند.
ای ای ای ماسل تک، یک مکمل پیشرفته حاوی تمامی اسیدهای آمینه ضروری است که بدن قادر به تولید آنها نیست.
ای ای ای رول وان، یک ترکیب مهندسی شده از تمام ۹ اسید آمینه ضروری است که بدن انسان قادر به تولید آنها نیست.
ای ای ای ناترکس، یک مکمل پیشرفته حاوی تمامی اسیدهای آمینه ضروری به همراه کمپلکس آبرسانی است.
به نظرم در موضوعاتی مثل شرط بندی و بازیهای پولی،
اولین اصل احتیاطه و بعد بررسی
دقیق. وقت بخیر، راستش کمتر پیش میاد جایی
نظر بنویسم. هفته قبل وقتی داشتم تجربه
بقیه کاربرا رو میخوندم اینجا برامجالب شد.
بعد از چند دقیقه بررسی حس کردم برای آشنایی اولیه
میتونه مفید باشه. به نظرم بهتره آدم
چند منبع مختلف رو هم ببینه.
یکی از همکارام چند بار درباره سایتهای شرطی صحبت کرده
بود. به همین خاطر چند بخش رو با حوصلهتر خوندم.
از نظر من نکته مثبتش این بود
که حس نمیکردم همه چیز فقط با اغراق نوشته شده.
از طرفی همیشه بهتره چند گزینه کنار هم مقایسه بشن.
برای کسانی که میخوان بدونن این فضا
چطور کار میکنه، میتونه برای آشنایی اولیه
مفید باشه. گاهی هم دامنههایی مثل پلتفرم enfeϳaronline همراه
با sibbet نشون میدن این حوزه چقدر گسترده شده.
یکی از آشناهای من بیشتر دنبال پیشبینی ورزشی بود و همیشه میگفت اگر سایتی
توضیحات ساده و روشن نداشته باشه، بهتره آدم با احتیاط بیشتری جلو بره.
در کل حداقل برای آشنایی اولیه میتونه
مفید باشه. به نظرم بهتره با دید باز
و منطقی جلو بره. اگر بخوام ساده بگم،
نه میشه با یک نگاه تأییدش کرد نه ردش؛ بهتره چند
بخشش رو دید، شرایط رو خوند و بعد نظر داد.
Here is myy blog post; ✅ Final Assurance (Delia)
آمینو ای ای ای بی اس ان، یک فرمولاسیون پیشرفته از اسیدهای آمینه ضروری است که توسط برند معتبر بی اس ان طراحی شده است.
بتا آلانین، یک اسید آمینه غیرضروری است که در کبد تولید شده و با ترکیب شدن با هیستیدین، پپتیدی به نام کارنوزین را در عضلات اسکلتی میسازد.
بتا آلانین المکس، یک آمینو اسید غیر ضروری است که به طور طبیعی در بدن تولید میشود، اما مقدار آن برای ورزشکاران حرفهای کافی نیست.
بتا آلانین مای پروتئین، یک اسید آمینه غیرضروری با بالاترین درجه خلوص است.
وی بادی اتک، در هسته مرکزی خود، ترکیبی هوشمندانه از “وی کنسانتره” و “وی هیدرولیزه” است.
Steam Desktop Authenticator https://steamdesktopauthenticator.net is a popular solution for Steam users who need access to Steam Guard features on their computer. It conveniently verifies actions, protects your account, and manages authentication in a single app.
Custom-made furniture sets European kitchen cabinets Tampa
карьерный песок цена доставка стоимость карьерного песка
بتا آلانین اپلاید، یکی از خالصترین فرمهای این مکمل در جهان است که به طور خاص برای ورزشکاران حرفهای طراحی شده است.
sell usdc for cash exchange usdt cash com
usdt trc20 на наличные рубли usdt trc20 на рубли
Читать расширенную версию: https://kalipsosanteh.ru
Полная версия по ссылке: https://remont-kras.ru
وی بی اس ان، یک ماتریس پروتئینی فوق حرفهای است که برای حمایت مداوم از عضلات شما، در تمام طول روز و شب طراحی شده است.
وی هیدرولیز یاماموتو، در هر وعده ۳۰ گرمی، حاوی ۱۲۱ کیلوکالری انرژی است که بخش عمده آن از پروتئین خالص تأمین میشود.
безопасный обменник криптовалют обмен usdt на наличные
وی یاماموتو، ترکیبی هوشمندانه از پروتئین کنسانتره و ایزوله آب پنیر است.
The whole summary is here: https://blockchainreporter.net/understanding-data-tokenization-purpose-and-significance/
Current recommendations: https://blockchainreporter.net/crypto-trade-analyzer-tool-simulation-before-execution/
Все самое свежее здесь: https://avicenna-stroy.ru
وی ایزوله بی اس ان، یک ترکیب جامع از پروتئینهای ایزوله است شامل پروتئینهای زود جذب و دیر جذب.
کراتین یاماموتو، توسط برند ایتالیایی یاماموتو نوتریشن تولید شده، و از نوع کراتین مونوهیدرات ۱۰۰٪ خالص و بدون فیلر است.
ремонт квартир косметичний ремонт квартири
بی سی ای ای، یا اسیدهای آمینه شاخهدار، گروهی از سه اسید آمینه ضروری شامل لوسین، ایزولوسین و والین هستند.
بی سی ای ای اپلاید، یک مکمل پیشرفته است که شامل سه آمینواسید ضروری یعنی لوسین، ایزولوسین و والین با نسبت استاندارد 2:1:1 میباشد.
بی سی ای ای یاماموتو، یک مکمل ورزشی پیشرفته حاوی آمینواسیدهای شاخهدار (لوسین، ایزولوسین و والین) با خلوص بسیار بالا است.
сколько стоит автовоз перевозка автомобиля
подбор персонала услуги агентства кадровые агентства по подбору
Read More: נערות ליווי
Расширенный обзор: https://rikoremont.ru/company/category/moskovskaya-oblast/
Расширенная статья здесь: https://abcbeautym.ru
بی سی ای ای رول وان، یک مکمل ورزشی باکیفیت است که از سه اسید آمینه شاخهدار ضروری شامل لوسین، ایزولوسین و والین با نسبت علمی و اثباتشده 2:1:1 تشکیل شده است.
وی بد اس، منبع غنی و کامل آمینواسیدهای ضروری است که نقش مهمی در ساخت و ترمیم عضلات، بهبود عملکرد ورزشی و افزایش سلامتی بدن ایفا میکند.
услуги сэс москва заказать дезинфекцию от тараканов
گینر یاماموتو، یک مکمل افزایش وزن و حجم عضلانی فوقپیشرفته است که بر پایه کربوهیدراتهای باکیفیت و پروتئینهای زودجذب طراحی شده است.
Do you love excitement? https://jerseysbeststore.com/licensing offers premium pre-match and live sports betting, as well as a legal online casino. Try your luck on modern slots, table games, or with live dealers. We guarantee complete data security, fair results, and 24/7 player support.
وی ایزوله یاماموتو، یکی از خالصترین فرمهای پروتئین آب پنیر در جهان است.
Do you love excitement? https://jerseysbeststore.com/glossary offers premium pre-match and live sports betting, as well as a legal online casino. Try your luck on modern slots, table games, or with live dealers. We guarantee complete data security, fair results, and 24/7 player support.
وی ایزوله مای پروتئین، با خلوص فوقالعاده بالا، یکی از بهترین انتخابها برای ورزشکاران است.
производство стальная лента lenta-stalnaya-moscow.ru
گینر بد اس، یک مکمل غذایی قدرتمند است که به طور خاص برای ورزشکاران و افرادی که به دنبال افزایش حجم عضلانی و قدرت بدنی هستند، طراحی شده است.
گینر اپلاید، یک فرمولاسیون فوقحرفهای است که فراتر از یک گینر معمولی برای افزایش وزن است.
وی ایزوله یو اس ان، مکملی ایدهآل برای ورزشکارانی است که به دنبال بالاترین کیفیت پروتئین هستند.