अभिकरण की संविदा क्या है? (अध्याय 10, सेक्शन 182-238)-part 25
क्या प्रीविटी ऑफ कांट्रैक्ट अभिकरण की संविदा पर लागू होता है? प्रीविटी ऑफ कांट्रैक्ट की अवधारण के अनुसार संविदा के पक्षकारों के बीच ऐसा...
क्या प्रीविटी ऑफ कांट्रैक्ट अभिकरण की संविदा पर लागू होता है? प्रीविटी ऑफ कांट्रैक्ट की अवधारण के अनुसार संविदा के पक्षकारों के बीच ऐसा...
सदृश-संविदाएँ (Quasi-Contract) भारतीय संविदा अधिनियम (the Indian Contract Act) के अध्याय 5 के सेक्शन 68 से 72 (chapter IV S. 68-72) में ऐसे स्थितियों के...
संविदा का उन्मोचन संविदा का उन्मोचन उस स्थिति को कहते हैं जब संविदा का पालन आवश्यक नहीं रह जाए। संविदा का उन्मोचन (discharge of contract)...
संविदा-भंग (breach of contract) संविदा-भंग (breach of contract) क्या होता है? संविदा-भंग का अर्थ होता है संविदा को तोड़ देना अर्थात इसको मानने यानि...
आंशिक पालन का सिद्धांत (doctrine of part performance) क्या है? डॉक्ट्रिन ऑफ पार्ट परफॉर्मेंस का सामान्य आशय यह है कि किसी संविदा के आंशिक...
संविदा का पालन संविदा के उन्मोचन का सामान्य विधिक तरीका है। क्योंकि विधि द्वारा प्रवर्तनीयता ही एक वैध संविदा का आधार है। संविदा के...
समाश्रित संविदा (Contingent Contract) Indian Contract Act का सेक्शन 31 समाश्रित संविदा को परिभाषित करते हुए कहता है कि- “Contingent contract” defined.—A “contingent contract...
साधारण अपवाद का आशय है ऐसा अपवाद जो सामान्य या साधारण रूप से आईपीसी के सभी अपराधों के लिए लागू होता हो, भले ही...
शून्य और शून्यकरणीय संविदा शून्य और शून्यकरणीय संविदा ऐसी संविदाएँ हैं जो विधिक रूप से मान्य संविदा की सभी शर्तों को पूरा नहीं करती। शून्य संविदा...
साधारण अपवाद वाले आईपीसी से अध्याय 4 में जिन 12 प्रकार के अपवादों का उल्लेख है उनमें बाल्यपन, पागलपन और मत्तता भी आते हैं।...