भारत में लापता बच्चे: आँकड़े, कानूनी सुरक्षा और तात्कालिक कदम / Missing Children Stats, Laws

NCRB (National Crime Records Bureau) की ‘Crime in India’ वार्षिक रिपोर्टों के अनुसार देश भर में वर्ष 2021 में लगभग 77,500 बच्चे और वर्ष 2022 में लगभग 83,000 बच्चे लापता दर्ज किए गए थे। लापता हुए कुल बच्चों (जिनमें पिछले वर्षों के लंबित मामले भी शामिल होते हैं) में से लगभग 70% से 75% बच्चों को खोज लिया जाता है। यह आँकड़े NCRB दर्ज FIR के आधार पर जारी किए जाते हैं। इनमें वे बच्चे भी शामिल होते हैं जो किसी के द्वारा बलपूर्वक या बहलाफूसला कर ले जाए गए हों या फिर स्वयं ही घर छोड़ कर चले गए हों। 

Bachpan Bachao Andolan, CRY आदि चाइल्ड राइट्स संगठनों के अनुसार, लापता या अपहृत बच्चों में से एक बड़ा हिस्सा मानव तस्करी (Human Trafficking), बाल श्रम, घरेलू कलह या घर से भागने जैसी स्थितियों से संबंधित होता है।

बच्चों की सुरक्षा के लिए कानूनी प्रावधान (IPC एवं BNS)

अपराध श्रेणीसंबंधित धारा/कानूनअपराध का विवरणन्यूनतम सजाअधिकतम सजाजुर्माना
व्यपहरण (Kidnapping) BNS: 137(2)  [IPC: 361 / 363]अभिभावक की सहमति के बिना बच्चे को ले जाना (भले ही बच्चा मर्जी से गया हो)कोई निश्चित सीमा नहीं (अदालत के विवेक पर)7 वर्ष का कारावासअनिवार्य / देय
एक बच्चे की तस्करीBNS: 143  [IPC: 370]बच्चे (नाबालिग) का व्यापार या जबरन श्रम/शोषित करने के लिए तस्करी10 वर्ष का कठोर कारावासआजीवन कारावासजुर्माना लागू
एक से अधिक बच्चों की तस्करी BNS: 143 [IPC: 370]  एक से अधिक बच्चों की तस्करी14 वर्ष का कठोर कारावासआजीवन कारावासजुर्माना लागू
पुनरावृत्ति / लोक सेवक की संलिप्तताBNS: 143 [ IPC: 370]बार-बार अपराध करना या पुलिस/सरकारी अधिकारी की संलिप्तताशेष प्राकृतिक जीवन के लिए आजीवन कारावासशेष प्राकृतिक जीवन के लिए आजीवन कारावासजुर्माना लागू
यौन उत्पीड़न हेतु अपहरणPOCSO Act (धारा 9/10)यौन उत्पीड़न (Sexual Assault) के उद्देश्य से अपहरण5 या 7 वर्ष का कारावास (मामले अनुसार)7 से 10 वर्ष का कारावासजुर्माना लागू
गंभीर यौन हमले हेतु अपहरणPOCSO Act (धारा 5/6)गंभीर यौन हमले (Aggravated Penetrative Sexual Assault) हेतु अपहरण20 वर्ष का कठोर कारावासआजीवन कारावास या मृत्युदंडजुर्माना (पीड़िता के इलाज/पुनर्वास हेतु)

आपात स्थिति में तुरंत उठाए जाने वाले कदम

यदि कोई बच्चा लापता या अपहृत होता है, तो बिना समय गंवाए निम्नलिखित कदम उठाएं:

  1. तत्काल FIR दर्ज कराएं: सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, बच्चे के लापता होने पर पुलिस को बिना किसी देरी के तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज करनी अनिवार्य है।
  2. चाइल्डहेल्पलाइन (1098): तुरंत राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर 1098 या 112 पर सूचना दें।
  3. ‘ट्रैक द मिसिंग चाइल्ड‘ पोर्टल: सरकारी पोर्टल TrackChild पर बच्चे की तस्वीर और विवरण दर्ज कराएं।
  4. स्थानीय स्तर पर अलर्ट: निकटतम रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सीसीटीवी कंट्रोल रूम को तुरंत सूचित करें।
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