अभिकरण और प्रीविटी ऑफ कांट्रैक्ट तथा अभिकरण की समाप्ति (अध्याय 10, सेक्शन 182- 238)- part 26
क्या प्रीविटी ऑफ कांट्रैक्ट अभिकरण की संविदा पर लागू होता है? प्रीविटी ऑफ कांट्रैक्ट की अवधारण के अनुसार संविदा के
क्या प्रीविटी ऑफ कांट्रैक्ट अभिकरण की संविदा पर लागू होता है? प्रीविटी ऑफ कांट्रैक्ट की अवधारण के अनुसार संविदा के
क्या प्रीविटी ऑफ कांट्रैक्ट अभिकरण की संविदा पर लागू होता है? प्रीविटी ऑफ कांट्रैक्ट की अवधारण के अनुसार संविदा के
अभिकरण की संविदा क्या है? (अध्याय 10, सेक्शन 182-238)-part 25 Read More »
सदृश-संविदाएँ (Quasi-Contract) भारतीय संविदा अधिनियम (the Indian Contract Act) के अध्याय 5 के सेक्शन 68 से 72 (chapter IV S. 68-72)
सदृश-संविदा (Quasi Contract) क्या है? (सेक्शन 68-75)-part 24 Read More »
संविदा का उन्मोचन संविदा का उन्मोचन उस स्थिति को कहते हैं जब संविदा का पालन आवश्यक नहीं रह जाए। संविदा का
संविदा का उन्मोचन- पालन की असंभव्यता और नवीयन द्वारा (सेक्शन 56, 62, 63)- part 23 Read More »
संविदा-भंग (breach of contract) संविदा-भंग (breach of contract) क्या होता है? संविदा-भंग का अर्थ होता है संविदा को तोड़ देना
संविदा का उन्मोचन: संविदा-भंग द्वारा (सेक्शन 73, 74, 75)-part 22 Read More »
आंशिक पालन का सिद्धांत (doctrine of part performance) क्या है? डॉक्ट्रिन ऑफ पार्ट परफॉर्मेंस का सामान्य आशय यह है कि
डॉक्ट्रिन ऑफ पार्ट परफॉर्मेंस और पिनल लॉ क्या है? (सेक्शन 53A)- part 21 Read More »
संविदा का पालन संविदा के उन्मोचन का सामान्य विधिक तरीका है। क्योंकि विधि द्वारा प्रवर्तनीयता ही एक वैध संविदा का
संविदा का उन्मोचन-संविदा पालन द्वारा (सेक्शन 37- 67)-part 20 Read More »
समाश्रित संविदा (Contingent Contract) Indian Contract Act का सेक्शन 31 समाश्रित संविदा को परिभाषित करते हुए कहता है कि- “Contingent
समाश्रित संविदा क्या है? (सेक्शन 31-36)- part 19 Read More »
शून्य और शून्यकरणीय संविदा शून्य और शून्यकरणीय संविदा ऐसी संविदाएँ हैं जो विधिक रूप से मान्य संविदा की सभी शर्तों को पूरा
शून्य संविदा और शून्यकरणीय संविदा क्या है? (सेक्शन 10, 14, 19A, 20, 23-30)- Part 18 Read More »
विधिपूर्ण विषयवस्तु (lawful object) और विधिपूर्ण प्रतिफल (lawful consideration) विधिपूर्ण विषयवस्तु और विधिपूर्ण प्रतिफल किसी भी वैध संविदा के लिए अनिवार्य है। सेक्शन
विधिपूर्ण विषयवस्तु और विधिपूर्ण प्रतिफल क्या है? (सेक्शन 23)- Part 17 Read More »
संविदा पर भूल (mistake) का प्रभाव संविदा में भूल का प्रभाव निर्णायक होता है। The Indian Contract Act का सेक्शन 20, 21 और
संविदा में भूल के विधिक परिणाम क्या हैं?- Part 16 (सेक्शन 20, 21, 22) Read More »
कपट और दुर्व्यप्देशन से अगर संविदा के लिए सहमति प्राप्त की जाती है, तो यह सहमति स्वतंत्र नहीं मानी जाती है और
असम्यक प्रभाव क्या है? (What is undue influence) असम्यक प्रभाव का सामान्य आशय होता है अनुचित प्रभाव। अगर कोई व्यक्ति
संविदा अधिनियम मे अनुसार विकृतचित्त व्यक्ति कौन है? विकृतचित्त व्यक्ति से संविदा विधि द्वारा मान्य नहीं होता है। क्योंकि संविदा
विकृतचित्त व्यक्ति से संविदा के विधिक परिणाम (सेक्शन 12, 68)- part 13 Read More »
वयस्क से संविदा अवयस्क से संविदा कानून की दृष्टि में मान्य नहीं है। सेक्शन 10 के अनुसार अवयस्क संविदा करने के लिए
अवयस्क से संविदा की कानूनी स्थिति- केस लॉ- part 12 Read More »
प्रत्यास्थापन का सिद्धांत (The Doctrine of Restitution) प्रत्यास्थापन का सिद्धांत का सामान्य आशय होता है उस लाभ का प्र्त्यावर्तन या
प्रत्यास्थापन का सिद्धांत और अवयस्क के साथ संविदा(सेक्शन 64, 65, 70)- Part 11 Read More »
स्वतंत्र सहमति स्वतंत्र सहमति का अर्थ है ऐसी सहमति जिसमें ये पाँच कमियाँ न हो (सेक्शन 14)- प्रपीड़न, असम्यक प्रभाव,
संविदा के लिए स्वतंत्र सहमति क्या है?(सेक्शन 13-22)- Part 10 Read More »
प्रीविटी ऑफ कांट्रैक्ट अथवा संविदा का संबंध प्रीविटी ऑफ कांट्रैक्ट का अर्थ है जो संविदा के पक्षकार नहीं हैं वह
विबन्धन और प्रीविटी ऑफ कांट्रैक्ट : केस लॉ-भाग 9 Read More »
प्रीविटी ऑफ कांट्रैक्ट अर्थात जो संविदा के पक्षकार नहीं हैं वह उसे लागू कराने के लिए न्यायालय में वाद नहीं
प्रतिफल (consideration) एक वैध संविदा के लिए अनिवार्य तत्त्व है। इस के विषय में पिछले आलेख में हमने चर्चा की थी। अब
प्रतिफल एक वैध संविदा के लिए अनिवार्य घटक है। व्यवहार में बिना किसी प्रतिफल के अगर किसी को कोई वस्तु
प्रतिफल: वैध संविदा के लिए अनिवार्य तत्त्व-भाग 6 Read More »
संविदा का निर्माण एक पक्ष (प्रस्थापक offerer) द्वारा प्रस्थापन (offer) करना और इसकी संसूचना दूसरे पक्ष (offeree अर्थात जिसके प्रति प्रस्थापन
केस लॉ संविदा के लिए संस्वीकृति, संसूचना,और प्रतिग्रहण (acceptance, communication and revocation of contract) के संबंध में विधिक प्रावधान (legal provisions) और
संविदा के लिए संस्वीकृति, संसूचना,और प्रतिग्रहण: केस लॉ-part 4 Read More »
क्या संविदा के प्रतिस्थापन के संस्वीकृति की संसूचना (Communication of Acceptance of offer) आवश्यक है?
संविदा की स्वीकृति, सूचना,और प्रतिग्रहण (केस लॉ के साथ)-part 3 Read More »
संविदा निर्माण (formation of contract) संविदा निर्माण दो चरणों में होता है – दूसरे पक्ष द्वारा प्रस्थापना को अंतिम और
संविदा अधिनियम में संविदा की क्या परिभाषा दी गई है? भारतीय संविदा अधिनियम (the Indian Contract Act, 1872) के सेक्शन 2 (h)